गुरुवार, 26 जुलाई 2018

गीता उपदेश

इस्कॉन इलाहाबाद में प्रस्तुत की गई यह कृष्णलीला लगभग 15 साल पहले वरिष्ठ रंगकर्मी अजामिल के निर्देशन में हुई थी इस प्रस्तुति में आज के वरिष्ठ रंगकर्मी कौशिक गौतम और वरिष्ठ रंग करें  आलोक नायर ने क्रमशः कृष्ण और अर्जुन की भूमिका की थी। यह दुर्लभ चित्र उसी कृष्ण लीला का है  ।
चित्र छायांकन /विकास चौहान

सोमवार, 16 जुलाई 2018

पर्यावरणविद् सम्मान

इलाहाबाद के वरिष्ठ पत्रकार और पर्यावरण विद स्व.अरुणकुमार अग्रवाल द्वारा विश्व पर्यावरण दिवस के अवसर पर आयोजित कार्यक्रम में कवि अजामिल को सम्मानपत्र देते समाजसेवी रंगकर्मी राजेन्द्र कुमार तिवारी उर्फ़ दुकांजी।

शुक्रवार, 8 जून 2018

नन्हे पैर और नन्हे हाथ क्या कहते हैं

नन्हे हाथ जिसे रचना है खूबसूरत दुनिया नन्हें पैर जिन्हें चलना है हजारों मील अपने सपनों को सच करने के लिए यह हाथ और यह पैर मनुष्य को दिया गया ईश्वर का सबसे सुंदर उपहार है।
फोटो अजामिल

शुक्रवार, 25 मई 2018

पू पू का आना

आज मेरे नाती पू पू घर आए थे जितनी देर घर पर रहे उतनी देर गर्मी की वजह से उन्हें बर्थडे सूट में ही रखा गया बहुत खुश रहे मुझे लगता है कि किसी भी बच्चे का जन्म परिवार में किसी भी बच्चे का होना दुनिया की सबसे बड़ी खुशी है एक भरोसा है कि यह दुनिया अभी सही सलामत रहेगी हमें कोशिश करनी चाहिए कि हम बच्चों के लिए बहुत खूबसूरत दुनिया सुरक्षित छोड़ें हमारे बच्चों का भावी घर यह दुनिया बहुत सुंदर होनी चाहिए ।
विचार बिंदु और फोटो अजामिल

सोमवार, 21 मई 2018

मेरा कमरा

मेरा कमर
यह मेरा छोटा सा कमरा है यह कमरा आज मेरे पास है कल होगा या नहीं मैं नहीं जानता पर यह कमरा आज मुझे बहुत प्रिय है थक हार कर मैं इसी कमरे मैं आकर शांति महसूस करता हूं यह कमरा मुझे रचनात्मक ऊर्जा देता है इस कमरे में मेरे पास बहुत सी किताबें हैं जो मेरे अकेलेपन की साथी है मध्यम वर्गीय परिवारों में आज यह मुमकिन नहीं है कि सबको उसके समा जाने के लिए एक कोना किया जा सके किराए के मकानों मैं तो यह लगभग नामुमकिन है पर मैं भाग्यशाली हूं मेरे पास यह छोटा सा कमरा है मेरी छोटी-छोटी आकांक्षाओं और सपनों को समेटे हुए।

रविवार, 11 मार्च 2018

झुमका राजस्थान का

शीशे और धागे से बनाया गया यह कलात्मक झुमका उसकी कमर पर बंधा हुआ था पूरा राजस्थान समेटे हुए इसमें कोई आवाज नहीं थी लेकिन हम कुछ गूंज को सुन सकते थे जो सुंदरता की पराकाष्ठा पर पहुंच कर हमारे हृदय में रच बस जाती है।
** फोटो अजामिल